आंटी बोली- अरे कैसे भी क्या … हर आदमी दूसरी चूत मारने की ताक में रहता है. मैं उसे संभाल लूँगी. मगर तेरे दिमाग में चल क्या रहा है, ये तो बता?
मैंने कहा- आंटी, आपको तो मालूम है कि मैं बिना औरत की मर्जी के उसके साथ सेक्स नहीं करता हूँ. बस जैसे ही भाभी मेरे साथ सैट हुईं और मैं उन्हें अपने नीचे ले लूंगा . (Bhabhi sex story)
आंटी मुस्कुरा दीं.
मैं- फिर मुझे जब समय की जरूरत होगी, तब आप उन्हें कहीं बाहर बुला लेना.
कुछ दिनों बाद आंटी ने रोहन को अपने रूप के जाल में फंसा लिया और मौका मिलने पर, आंटी के साथ मैंने भैया के कुछ फोटो खींच कर आंटी का चेहरा धुंधला कर दिया.
एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने आंटी से कहा- आंटी, आप रोहन को कहीं होटल में बुला लो.
उन्होंने रोहन को फोन किया और प्लान बना लिया.
आंटी तैयार होकर जाने लगीं.
मैंने उनसे कहा- ज्यादा से ज्यादा टाइम लगा देना और वापस आने से पहले फ़ोन कर देना.
वो बोलीं- चिंता मत कर!
मैं भाभी के फ्लैट में गया, उन्होंने दरवाजा खोला. (Bhabhi sex story)
उन्होंने उस दिन सफेद कलर की कुर्ती और पिंक कलर की सलवार पहनी थी.
भाभी ने मुझे अन्दर बैठाया और बातें करने लगीं.
फिर चाय का बोल कर किचन में जाने लगीं.
शिवांक कमरे में सो रहा था.
प्रीती भाभी किचन में जाकर चाय बनाने लगीं.
मैं पीछे से किचन में गया और बोला- किचन तो काफी बढ़िया सैट कर रखा है आपने!
भाभी मेरा हाथ झटक कर बोलीं- फालतू की हरकत मत कर, बाहर जा.
मैं बाहर आया और उधर से ही बोला- भाभी, मैं सही में आपको प्यार करता हूँ. (Bhabhi sex story)
प्रीती – सुरेश तू छोटा है और मैं शादीशुदा हूँ. पागलों जैसी बात मत कर.
मैं- भाभी आप गुस्सा मत हो. आपकी गलती नहीं है और न ही मेरी. आपको देखते ही मैं दीवाना सा हो गया हूँ. आप मुझे नहीं मिलीं न … तो मैं मर जाऊंगा.
प्रीती भाभी मुझे समझाने लगीं- देख सुरेश तुझे अच्छी लड़की मिल जाएगी. मैं तुझसे बड़ी हूं.
मैं उदासी से बोला- भैया बाहर जाकर जितना मुँह मारे तो कुछ नहीं … और आप घर में उनकी नौकरानी बनकर ही रहना!
प्रीती भाभी हैरान होकर बोलीं- क्या कहा तूने? देख तू रोहन के बारे में कुछ भी मत बोल!
मैं- मैंने आपको जानकर नहीं बताया कि कहीं आपका दिल न टूट जाए. शिवांक की ज़िंदगी खराब न हो जाए. (Bhabhi sex story)
प्रीती भाभी- क्या है … बता?
मैंने उन्हें भैया की तस्वीरें दिखाईं.
फोटो देखते ही वो रोने लगीं.
मैंने उन्हें दिलासा दी और समझाया- अगर आपने बात बढ़ाई तो शायद आपका तलाक न हो जाए. मुझे पर भरोसा रखो भाभी, मैं भैया को सही सलामत आपके पास ले आऊंगा.
भाभी सुबकने लगीं.
मैंने कहा- भाभी मैं आपसे प्यार करता हूं. भैया दूसरी जगह मुँह मार सकते हैं तो मैं आपको प्यार क्यों नहीं कर सकता?
ये कहकर मैंने उनकी जांघों पर हाथ रख दिया. (Bhabhi sex story)
प्रीती भाभी खुद को संभालती हुई बोली- सुरेश तुझे जो करना है कर, मैं भी ऐसे आदमी के बार में क्यों सोचूँ. अगर वो किसी रखैल के साथ सब कर सकता है, तो मैं भी किसी की रखैल बन जाऊंगी.
उन्होंने अपना चेहरा मेरी तरफ किया तो मैंने भी उन्हें किस कर दिया और लंबी स्मूच दे दी.
भाभी की कमीज के ऊपर से उनके मम्मे मसलने लगा.
फिर मैंने उन्हें सोफे से उठाकर खड़ा किया और सलवार के ऊपर से उनकी चूत में हाथ रगड़ने लगा और उनकी कमीज उतार कर फेंक दी.
मैं उनके बड़े बड़े मम्मों को जोर जोर से मसलने लगा.
उनके मम्मे लाल हो गए, वो इतनी लंबी थीं कि मेरा चेहरा उनके मम्मों के सामने आ रहा था, जिनसे मैं खेल रहा था. (Bhabhi sex story)
प्रीती भाभी ने खुद अपनी ब्रा उतार फेंकी और झुक कर मुझे स्मूच कर लिया.
मैंने भाभी की सलवार के अन्दर हाथ डाला और उनकी गांड सहलाते हुए गांड दबोच ली.
उनकी आह निकल गयी.
अब मैंने अपना मुँह उनके एक मम्मे में लगा दिया और निप्पल को चूसने लगा.
उनकी मादक सिसकारियां निकलने लगीं, जो मुझे और ज्यादा जोश दिला रही थीं.
जोश में मैंने उनके निप्पल को काट लिया, जिससे उनकी आह निकल गयी.
उसके बाद मैंने उनकी सलवार का नाड़ा खोल कर उसे उतार दिया और उनकी मोटी मोटी जांघों को चूमते हुए उनकी चड्डी भी उतार फेंकी. (Bhabhi sex story)
अब मैं खड़ा हुआ और उनके बाल पकड़कर उनको स्मूच करने लगा और उनकी चिकनी मुलायम चूत सहलाने लगा.
फिर प्रीती भाभी ने मेरी शर्ट उतार दी और मुझे गले में, सीने में हर जगह चूमने लगीं.
मैंने अपना लोअर और चड्डी सरका कर उतार दी और उनके बाल पकड़कर उन्हें नीचे बैठा दिया.
मैंने उनके मुँह में अपना 6 इंच का लंड डाल दिया, वो मेरा लंड चूसने लगीं.
वो मेरे आंडों को चाट चाट कर मेरा लंड चूसे जा रही थीं.
मुझे मज़ा आ रहा था. (Bhabhi sex story)
फिर मैंने उन्हें वहीं ज़मीन पर लिटा दिया और उनकी चूत में मुँह लगा दिया.
मैं भाभी की चूत चाटने लगा.
वो भी काफी जोश में आकर अपने दूध मसल रही थीं.
मैं उनकी चूत में लंड सैट करके धक्के मारने लगा.
जब मैं उनको देखते हुए उनकी चुदाई कर रहा था तो भाभी रोती हुई बोली- रोहन को इतना माना … मैंने नहीं सोचा था कि वो मेरे साथ ऐसा करेगा. सुरेश तू तो प्यार करता है ना मुझे!
मैंने धक्के लगाते हुए बोला- आपकी गांड का तो मैं पहले दिन से दीवाना हूँ, हर वक़्त आपके बारे में ही सोचता हूँ.
वो मुस्कुरा दीं और बोलीं- बस मेरी गांड का ख्याल रखता है … मेरा नहीं? (Bhabhi sex story)
मैं- गांड भी तो आपकी ही है.
प्रीती – आपकी नहीं, तेरी. अब से मैं तेरी बीवी हूँ. वैसे ही बोल … भाभी नहीं प्रीती हूँ.
मैं- हां मेरी जान प्रीती , तुझ पर अब सबसे ज्यादा हक़ मेरा है समझी!
प्रीती भाभी- हां, अबसे मेरा पूरा बदन तेरा हूं … तुझे जो करना है कर लेना.
मैं भाभी को धकापेल चोदे जा रहा था और वो भी नीचे से अपनी गांड उठा कर लंड का मुकाबला कर रही थीं.
तभी भाभी एकदम से अकड़ने लगीं और आह आह करती हुई झड़ गईं.
कुछ देर बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैं भाभी की चूत से लंड खींच कर उठा और भाभी के मुँह में लंड डालकर मुँह चोदने लगा.
उस समय भाभी के दोनों हाथ मेरी गांड पर जमे हुए थे.
(Bhabhi sex story)
मैं कुछ ही पलों में भाभी के मुँह में ही झड़ गया.
वो भी मेरे लंड का सारा माल गटक गईं.
मैं झड़ कर निढाल हो गया था तो सोफे से टिक कर बैठ गया और भाभी को देखने लगा.
वो मुझे देखे जा रही थीं.
मैं बोला- अब चाय तो पिला दे मेरी जान!
वो मुस्कुरा कर उठीं और नंगी ही किचन में चली गईं.
मैं भाभी के पीछे पीछे किचन में आ गया और पीछे से उन्हें पकड़ कर उनकी पीठ चूमने लगा.
भाभी ने कहा- चाय तो बनाने दे. (Bhabhi sex story)
मैंने भाभी की गांड पर एक चमाट मारी.
उनकी आह निकल गयी.
मैंने भाभी की गांड को फैलाया और गांड के छेद में बीच की उंगली डाल दी.
वो दर्द से थोड़ी आगे हुईं, मगर उंगली ने जगह बना ली थी.
मैं उनकी गांड के छेद में उंगली अन्दर बाहर करने लगा.
उनके हाथ प्लेटफॉर्म पर टिक गए थे.
उन्होंने एक हाथ से गैस बंद कर दी. (Bhabhi sex story)
फिर मैंने भाभी को अपनी तरफ घुमाया और वो उंगली उनके मुँह में दे दी. उसे वो प्यार से चूसने लगीं.
फिर वो झुक गईं और मेरा लंड चूसने लगीं. मेरे गोटे मुँह में भरके चूसने लगीं. मेरा लंड फिर से तन गया.
मैं घूमा और अपनी गांड उनके मुँह की तरफ कर दी.
भाभी मेरी गांड के छेद पर जीभ फिराने लगीं.
मुझे मज़ा आ रहा था तो मैं पीछे हाथ करके उनका सिर पकड़ कर अपनी गांड पर दबाने लगा.
फिर मैंने प्रीती भाभी को घोड़ी बनाया और उनकी गांड पर जीभ फिरा कर चाटने लगा.
जब गांड चिकनी हो गई तो मैंने भाभी की गांड के छेद पर अपने लंड का टोपा सैट किया और कमर पकड़ कर झटका दे दिया.
भाभी की तेज़ आह निकल गयी.
मैंने बेपरवाह दूसरा धक्का दे मारा, तो उनकी ‘उम्म मर गई …’ की आवाज निकली.
(Bhabhi sex story)
भाभी गांड मराने की अभ्यस्त थीं तो कुछ ही झटकों में गांड में लंड चलने लगा.
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